मांडल से रास तक खुलेंगी राजमार्ग क्षेत्र में विकास की राहें

प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 158

Contentshide1 राष्ट्रीय राजमार्ग में आने वाले भीलवाड़ा, पाली, अजमेर व नागौर क्षेत्र के कहीं गांव व कस्बों में विकास के रास्ते खुलेंगे1.1 मांडल से नागौर होगा नजदीक, आरामदायक सफर, बढ़ेगी रोजगार की संभावनाएं1.2 एनएच 158 को 89 से जोड़ना बेहद जरूरी1.2.1 राजसमन्द सांसद है प्रयासरत

राष्ट्रीय राजमार्ग में आने वाले भीलवाड़ा, पाली, अजमेर व नागौर क्षेत्र के कहीं गांव व कस्बों में विकास के रास्ते खुलेंगे

फ़ास्ट न्यूज़ रियांबड़ी- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की हाइवे विस्तारीकरण योजना के तहत मांडल

(भीलवाड़ा) से रास (जिला पाली) तक 116 किलोमीटर लम्बे नए राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 158 का निर्माण प्रस्तावित है।

अब क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों व व्यापारियों ने इसी एनएच 158 को रियांबड़ी से मात्र 30 किलोमीटर

दूर स्थित पाली जिले के रास कस्बे से बढ़ाकर 40 किलोमीटर आगे पादू कलां से गुजर रहे एनएच 89 से जोड़ने की मांग उठाई है।

स्थानीय व्यापारियों व जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अगर प्रस्तावित एनएच 158 को 40 किलोमीटर का

विस्तार देकर एनएच 89 से जोड़ा जाता है तो ये उपखण्ड क्षेत्र ही नहीं बल्कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग में

आने वाले भीलवाड़ा, पाली, अजमेर व नागौर क्षेत्र के कई गांवों व कस्बों में विकास के रास्ते खुलेंगे।

भाजपा मंडल के पूर्व अध्यक्ष कानसिंह शेखावत ने बताया कि उन्होंने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व व्यापारियों के

साथ मिलकर इन दोनों राष्ट्रीय राजमार्गों को जुड़वाने के लिए राजसमन्द सांसद दीयाकुमारी से मिलकर एक

बार फिर से प्रयास शुरू कर दिए हैं। उन्होंने आगामी दिनों में जल्द ही इस स्वीकृति के मिलने की उम्मीद जताई है।

मांडल से नागौर होगा नजदीक, आरामदायक सफर, बढ़ेगी रोजगार की संभावनाएं

व्यापारी उम्मेद सिंह राजपुरोहित वआरटीआई एक्टिविस्ट भंवर सिंह राजपुरोहित ने बताया कि

अभी तक मांडल से नागौर के लिए अजमेर होकर तकरीबन 300 किलोमीटर की दूरी तय करके आना पड़ता है।

इसमें समय की भी बर्बादी होती है। वहीं अगर ये प्रस्तावित राजमार्ग रास से रियांबड़ी होते हुए पादू कलां से

गुजर रहे एनएच 89 से जुड़ता है तो मांडल से नागौर की भी दूरी 60 किमी घटकर 240 किलोमीटर ही रह जाएगी।

इतना ही नहीं नागौर जिले के अंतिम छोर पर बसे सुदूर गांवों व कस्बों का विकास तेजी से हो पाएगा।

साथ ही नागौर से रियांबड़ी होते हुए मांडल-भीलवाड़ा के लिए आरामदायक सफर हो सकेगा।

इससे क्षेत्रीय ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा व औद्योगिक रूप से विकसित हो चुके रास, ब्यावर व भीलवाड़ा से जुड़ते हुए

नया हाइवे डवलप होने से लूणी नदी के दिल में बसे जिले के रियांबड़ी क्षेत्र में भी औद्योगिक विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

एनएच 158 को 89 से जोड़ना बेहद जरूरी

रास से मांडल तक प्रस्तावित एनएच 158 को रास से आगे बढ़ाकर एनएच 89 से जोड़ना बेहद जरुरी है,

अगर ऐसा होता है तो क्षेत्र में व्यापार व रोजगार की संभावनाएं प्रबल हो सकेगी। भंवरसिंह राजपुरोहित, आरटीआई एक्टिविस्ट रियां बड़ी

राजसमन्द सांसद है प्रयासरत

प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग 158 का विस्तार कर रास के बजाय रियांबड़ी के पादूकलां से गुजर रहे एनएच 89 से जोड़ने की क्षेत्रवासियों की मांग वाजिब है।

इसके लिए राजसमंद सांसद तक मांग पहुंचा दी गई है व सांसद साहिबा भी इसके लिए पूर्ण प्रयासरत है।

कानसिंह शेखावत, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष, रियां बड़ी

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