श्रीराम मंदिर निर्माण के नाम किए जन्मदिन पर परिवार से मिली राशि

श्रीराम मंदिर निर्माण के नाम किए जन्मदिन पर परिवार से मिले, 11 हज़ार रुपय
रियाबड़ी.नेहा का परिवार मन्दिर निर्माण के कुपन कटवाकर ख़ुशी जाहीर करतें।

श्रीराम मंदिर निर्माण के नाम किए जन्मदिन पर परिवार से मिले, 11 हज़ार रुपय

फ़ास्ट न्यूज़ नागौर रियां बड़ी– श्रीराम मंदिर भौतिकवाद की चकाचौंध के बीच अभी बहुत कुछ ऐसा है जो सनातन संस्कृति के

चिरस्थायी होने की उम्मीद जगाता है।रियां बड़ी निवासी घनश्याम ओझा की पोत्रि नेहा ओझा ने भी

ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो राम भक्तों के लिए प्रेरक है। नेहा ओझा को जन्मदिवस पर लैप्टॉप लाने के

लिए परिवार के लोगों ने 11 हज़ार रुपये की राशि दी जा रही थी।

बेटी ने तभी मन बना लिया था। कि यह राशि अयोध्या में बनने वाले श्रीराम मंदिर को समर्पित करेगी।

मंगलवार को अपने मन में ठानी बात को नेहा ओझा ने पूर्ण कर दिया और परिवार से मिले रुपय

श्रीराम मंदिर जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को भेंट कर दिए। नेहा ओझा ने अपने गुरुग्राम आवास पर श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ

के अड्यन प्रमुख महेंद्र माली को राशि सौंपी। श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए दी राशि को देख परिजन ने भी

प्रसन्न हुए। घर के सभी 11 सदस्यों ने बेटी की ख्वाहिश पर

अयोध्या में श्री राम मन्दिर निर्माण के लिए 11 कुपन हजार-हजार रुपये के करवाए। प

रिवार के 11 सदस्यों ने 11 हजार रुपये किए दान।

श्री राम मंदिर अयोध्या निर्माण के बारे में जाने

अयोध्या मंदिर श्रीराम मंदिर में श्री राम मंदिर परिसर निर्माण में मुख्य संरचना सहित

1,100 करोड़ रुपये की लागत 1,100 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है।

श्रीराम जनमभूमि तीर्थयात्रा क्षेत्र के ट्रस्ट ने अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक का दान प्राप्त किया है।

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष, स्वामी गोविंद देव गिरजी महाराज ने कहा कि राम मंदिर लगभग साढ़े तीन वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि मंदिर का निर्माण शुरू हो गया था।

विशेषज्ञ नींव और मंदिर अभियंता की योजना बनाएं। स्वामी गोविंद देव गिरिजी महाराज ने सोमवार को

पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि राम प्रमुख मंदिर की निर्माण लागत 300 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया है,

जबकि 1,100 करोड़ रुपये से भी कम पूर्ण स्थान नहीं लिया जाएगा। हालांकि यह अब अनुमानित है। शायद कम या ज्यादा।

उन्होंने कहा कि मंदिर के निर्माण ने बॉम्बे, दिल्ली, मद्रास, गुवाहाटी, सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, आईआईटी रुड़की

और एल एंड टी स्पेशल इंजीनियरिंग कॉम्प्लेक्स और टाटा ग्रुप की मजबूत नींव की मजबूत नींव की योजना की योजना और चर्चा की थी। हाह।

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